Assam Peace Accord : केंद्र सरकार और ULFA के बीच शांति समझौते पर हुआ हस्ताक्षर, अमित शाह बोले सुखद क्षण!
असम और नॉर्थ ईस्ट को लेकर केंद्र सरकार को बड़ी कामयाबी मिली है। सरकार और उग्रवादी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (ULFA) के बीच शुक्रवार को शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। उल्फा के वार्ता समर्थक गुट ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में केंद्र और असम सरकार के साथ शांति के त्रिपक्षीय ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
इस मौके पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज असम के भविष्य के लिए उज्ज्वल दिन है। मेरे लिए ख़ुशी की बात है । लंबे समय से असम, नॉर्थ-ईस्ट को हिंसा का सामना करना पड़ा है। 2014 में प्रधानमंत्री मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद दिल्ली और पूर्वोत्तर के बीच की खाई को पाटने की कोशिशें की गईं। गृह मंत्री ने कहा कि, प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से शांति और संवाद के लिए खुले दिल से समझौता किया गया। पूर्वोत्तर में अब तक 9,000 से ज्यादा उग्रवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं। आज का त्रिपक्षीय समझौता सभी के लिए लाभकारी रहेगा।
वहीं, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वशर्मा ने कहा, ”आज असम के लिए ऐतिहासिक दिन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल और गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशन में असम की शांति प्रक्रिया जारी है।”
प्रोग्राम और कमेटी बनाई जाएगी :
गृह मंत्री शाह ने कहा, ”पूरे नॉर्थ-ईस्ट और विशेषकर असम के लिए एक शांति के नए युग की शुरुआत होने जा रही है। मैं आज उल्फा के सभी प्रतिनिधियों को हृदय से विश्वास दिलाना चाहता हूं कि आपने जो भरोसा भारत सरकार पर रखा है, भारत सरकार के गृह मंत्रालय की ओर से आपकी मांग के बगैर ही इन सारी चीजों को पूरी करने के लिए एक टाइम बाउंड मैनर में प्रोग्राम भी बनाया जाएगा और हम गृह मंत्रालय के अंतर्गत एक कमेटी भी बनाएंगे जो असम सरकार के साथ रहकर पूरे समझौते को पूरा करने का प्रयास करेगी।