Delhi Ordinance Bill : अमित शाह ने राज्यसभा में पेश किया दिल्ली सेवा बिल, विधेयक पर चर्चा शुरू
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उच्च सदन राज्यसभा में दिल्ली सेवा बिल पेश कर दिया है। लोकसभा में दिल्ली सेवा विधेयक पास होने के बाद आज इसे राज्यसभा में पेश किया। इस विधेयक पर चर्चा शुरू हो गई है …
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में दिल्ली सेवा बिल पेश कर दिया है। दिल्ली सेवा बिल लोकसभा में पहले ही पास हो चुका है। अब राज्यसभा में इस बिल पर चर्चा शरू हो गई है। चर्चा की शुरुआत कांग्रेस की ओर से की गई है। कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने इस बिल पर अपनी बात रख रहे हैं।
कांग्रेस की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी ने अपने बयान में कहा कि’ दिल्ली सेवा बिल संघीय ढांचे के खिलाफ है। इसका मकसद खौफ पैदा करना है।’ उन्होंने कहा कि ‘दिल्ली में सुपर सीएम की कोशिश की जा रही है। दिल्ली सेवा बिल असंवैधानिक है।’
सरकार की योजना विधेयक को सोमवार को राज्यसभा में पेश किया है। विपक्षी एकता की मुहिम से दूरी बनाने वाले दलों बीजेडी, टीडीपी, वाईएसआरसीपी ने उच्च सदन में विधेयक का समर्थन करने की घोषणा की है। इसके अलावा बसपा ने राज्यसभा में मतदान से अनुपस्थित रहने का फैसला किया है। इन दलों के समर्थन के बाद उच्च सदन में भी विधेयक के पारित होने का रास्ता साफ हो गया है। वहीं आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपने सभी राज्यसभा सांसदों को 7 और 8 अगस्त को सदन में उपस्थित रहने के लिए तीन लाइन का व्हिप जारी की है। इसके अलावा कांग्रेस पार्टी ने अपने राज्यसभा सांसदों को सोमवार, 7 अगस्त को सदन में उपस्थित रहने के लिए तीन लाइन का व्हिप जारी किया है।
बता दें कि, दिल्ली सेवा विधेयक समूह-ए के अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग के लिए एक अथॉरिटी गठन के लिहाज से लागू अध्यादेश की जगह लेगा। विधेयक में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार अधिनियम में संशोधन कर अधिकारियों की नियुक्ति, स्थानांतरण पर फैसला लेने के लिए प्राधिकरण बनाने का प्रावधान है। प्राधिकरण में मुख्यमंत्री को भी शामिल किया गया है। हालांकि, इस मामले में फैसला लेने का अंतिम अधिकार उपराज्यपाल को दिया गया है।